बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू, पहले दिन 109 पकड़े

गोपेश्वर। नगर पालिका ने शहर में बंदरों को पकड़ने की मुहिम शुरू कर दी है। नगर पालिका की ओर से उत्तर प्रदेश के मथुरा से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम ने पहले दिन रविवार को 109 बंदरों को पिंजरों में कैद किया। पीजी कालेज परिसर में शुरू हुए इस अभियान को देखने के लिए यहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिसे देखते हुए प्रशासन को मौके पर पुलिस तैनात करनी पड़ी।
पेंशनर्स कल्याण समिति के सचिव एसपी जुयाल और व्यापार संघ के महामंत्री दीपेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि नगर पालिका का यह प्रयास राहत देने वाला है। बंदरों का घर के अंदर भी दखल होने लगा था। नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने बताया कि नगर क्षेत्र के बाद चमोली में भी बंदरों को पकड़ने का कार्य किया जाएगा। बाद में पकड़े गए बंदरों को जंगलों में छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बंदरों को किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाया जा रहा है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के रेंजर विक्रम सिंह रावत का कहना है कि बंदरों को अलग-अलग क्षेत्रों के जंगलों में छोड़ा जाएगा। जिससे वे पुन: आबादी वाले क्षेत्रों में न आ सके।

बंदर उन्मूलन में अमर उजाला का रहा योगदान
गोपेश्वर। नगर क्षेत्र में बंदरों के आतंक की खबरों को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसे देखते हुए नगर पालिका ने बंदरों को जंगलों में खदेड़ने की मुहिम शुरू ी। बहुगुणा विचार मंच के जिला संयोजक हरीज पुजारी का कहना है कि बंदरों के उन्मूलन को लेकर अमर उजाला ने जागरूकता फैलाई। मंच ने वर्ष 2011 में जिले में बंदरबाड़ा स्थापित करने के लिए शासन से दो करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कराई थी। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से बंदरबाड़े की स्थापना नहीं हो पाई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों के उन्मूलन के लिए जिला पंचायत को कार्ययोजना तैयार करने की मांग उठाई है।

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